NCERT Solutions Class 8 Hindi Bharat Ki Khoj Page 129
Class 8 – हिंदी (भारत की खोज ) Page – 129 Question 19. बात को कहने के तीन प्रमुख तरीके अब तक आप जान चुके होंगे- (क) अभिधा (ख) लक्षणा (ग) व्यंजना बताइए, नेहरू जी का निम्नलिखित वाक्य इन तीनों…
Class 8 – हिंदी (भारत की खोज ) Page – 129 Question 19. बात को कहने के तीन प्रमुख तरीके अब तक आप जान चुके होंगे- (क) अभिधा (ख) लक्षणा (ग) व्यंजना बताइए, नेहरू जी का निम्नलिखित वाक्य इन तीनों…
Class 8 – हिंदी (भारत की खोज ) Page – 128 Question 13. कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अनेक विषयों की चर्चा है, जैसे, “व्यापार और वाणिज्य, कानून और न्यायालय, नगर-व्यवस्था, सामाजिक रीति-रिवाज, विवाह और तलाक, स्त्रियों के अधिकार, कर और…
Class 8 – हिंदी (भारत की खोज ) Page – 127 Question 5. सिंधु घाटी सभ्यता के अंत के बारे में अनेक विद्वानों के कई मत हैं। आपके अनुसार इस सभ्यता का अंत कैसे हुआ होगा, तर्क सहित लिखिए। Answer…
Class 8 – हिंदी (भारत की खोज ) Page – 126 Question 1. ‘आखिर यह भारत है क्या? अतीत में यह किस विशेषता का प्रतिनिधित्व करता था? उसने अपनी प्राचीन शक्ति को कैसे खो दिया? क्या उसने इस शक्ति को…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 1 : ध्वनि प्रश्न – अभ्यास Question 1. कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा ? Answer : कवि को ऐसा विश्वास इसलिए है क्योंकि अभी उसके मन…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 18 : टोपी Question :1. गवरइया और गवरा के बीच किस बात पर बहस हुई और गवइया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला? उत्तर : गवरइया और गवरा के बीच…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 17 : बाज और साँप Question :1. घायल होने के बाद भी बाज ने यह क्यों कहा, ”मुझे कोई शिकायत नहीं है।” विचार प्रकट कीजिए। उत्तर : घायल होने के बाद भी बाज…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 16 : पानी की कहानी Question :1. लेखक को ओस की बूँद कहाँ मिली? उत्तर : लेखक को बेर की झाड़ी पर ओस की बूँद मिली। Question :2. ओस की बूँद क्रोध और…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 15 : सूरदास के पद Question :1. बालक श्रीकृष्ण किस लोभ के कारण दूध पीने के लिए तैयार हुए? उत्तर : माता यशोदा ने श्रीकृष्ण को बताया की दूध पीने से उनकी चोटी…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 14 : अकबरी लोटा Question :1. “लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।” लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा बिलकुल पसंद नहीं था। फिर भी उन्होंने चुपचाप…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 12 : सुदामा चरित Question :1. सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए। उत्तर : सुदामा की दीनदशा को देखकर दुख के कारण श्री कृष्ण की आँखों…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 13 : जहाँ पहिया है Question :1. “…उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते है..” आपके विचार से लेखक ‘जंजीरों‘ द्वारा किन समस्याओं की…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 11 : जब सिनेमा ने बोलना सीखा Question :1. जब पहली बोलती फिल्म प्रदर्शित हुई तो उसके पोस्टरों पर कौन-से वाक्य छापे गए? उस फिल्म में कितने चेहरे थे? स्पष्ट कीजिए। उत्तर :…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 10 : कामचोर Question :1. कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं? किन के बारे में और क्यों कहा गया? उत्तर : कहानी में ‘मोटे-मोटे किस काम के हैं’ बच्चों के बारे में…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 8 : क्या निराश हुआ जाए Question :1. ”यह कठिन समय नहीं है?” यह बताने के लिए कविता में कौन-कौन से तर्क प्रस्तुत किए गए हैं? स्पष्ट कीजिए। उत्तर : ”यह कठिन समय…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 9 : कबीर की साखियाँ Question :1. ‘तलवार का महत्त्व होता है, म्यान का नहीं’ – उक्त उदाहरण से कबीर क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए। उत्तर : ‘तलवार का महत्व होता है,…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 7 : क्या निराश हुआ जाए Question :1. लेखक ने स्वीकार किया है कि लोगों ने उन्हें भी धोखा दिया है फिर भी वह निराश नहीं हैं। आपके विचार से इस बात का…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 6 : भगवान के डाकिए Question :1. कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया हैं? स्पष्ट कीजिए। उत्तर : कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए इसलिए…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 5 : चिट्ठियों की अनूठी दुनिया Question :1. पत्र जैसा संतोष फोन या एसएमएस का संदेश क्यों नहीं दे सकता? उत्तर : पत्र जैसा संतोष फोन या एसएमएस का संदेश नहीं दे सकता…
Class 8 – हिंदी वसंत III Chapter 4 : दीवानों की हस्ती Question :1. कवि ने अपने आने को ‘उल्लास’ और जाने को ‘आँसू बनकर बह जाना’ क्यों कहा है? उत्तर : कवि ने अपने आने को उल्लास इसलिए कहता…